दो से छह माह के पौधों की देखभाल 

दो से छह माह के पौधों की देखभाल 

समस्या

नीबू के पौधे लगाने के लगभग पहले 2 से 6 माह में बहुत समस्या आती है जिनमे से कुछ मुख्य है – 

  1. पौधे की पत्तियों का पीला होना,
  2. पत्तियों का सूखकर गिर जाना,  
  3. सर्दियों में पाले से पत्तों का सूख जाना, 
  4. जानवरों द्वारा छोटे पौधों को खा लेना, और
  5. शाखाओं का सूख जाना।

नींबू के पौधे लगाए समय और जब दो माह के हो जाए उनमें क्या खाद और दवाई डालनी है यह हमने भाग 1 में विस्तार से बताया है।

सुझाव

इस समय निम्बू के पौधे के पत्ते पीले पड़ने के कई कारण है। उनमें से मुख्य है – 

  1. उचित मात्रा और समय पर खाद न मिलना,
  2. जानवरों के गोबर/मिंगण की कच्ची खाद,
  3. अधिक मात्रा में पानी देना,
  4. सनबर्न होना, और
  5. नाइट्रोजन और जिंक की कमी। निम्बू के पौधे ज़िंक की कमी के कारण बहुत संवेदनशील होते है।

ग्राफ्टिंग से तैयार पौधों में बहुत जल्दी फूल आ जाता है। परन्तु पहले दो वर्ष तक फल नहीं लेने चाहिए। इस समय केवल पौधे की बढ़वार पर ध्यान देना चाहिए। इसलिए फूलों को हटा देना चाहिए। फूल आने पर पानी देने से सभी फूल गिर जाते है।

कटिंग

निम्बू के पौधे लगभग 12 फ़ीट तक बढ़ते है। इस बात का ध्यान रखे की वह पौधे खरीदे जिनमे केवल एक मुख्य तना हो। लगाने के दो वर्ष तक पौधे की कटिंग पर समुचित ध्यान दे। इसके लिए  कम से कम तीन फीट तक मुख्य तने से बाकी शाखाओं को काटते रहना चाहिए। 

जमीन से लेकर तीन फीट तक जहां तक संभव हो सके केवल एक शाखा ही रखनी चाहिए और इसमें नई आने वाली सभी नई शाखाओं को हटाते रहे। अगर यह संभव नहीं तो इस उच़ाई तक जितनी कम शाखाएं संभव हो रखनी चाहिए।

कटिंग की मुख्य आवश्यकता शुरू में पौधे को एक आकर देने के लिए ही होती है। दो साल के बाद केवल जमीन को छू रही और सूखी टहनियों की ही कटिंग करते है। जो शाखाएं जमीन को छू रही होती है उनको काटकर जमीन से ढाई से तीन फ़ीट ऊपर कर दे।

कटिंग का सही समय

जनवरी और अगस्त माह में निम्बू के पौधों की कटिंग  के लिए सबसे उपयुक्त होते है। यह फसल लेने के बाद की जाती है। प्रत्येक कटिंग के तुरंत बाद COC का स्प्रे जरूर करें। यह पौधे के कटे हुए भाग पर हानिकारक जीवाणुओं से रक्षा करता है।

कटिंग के बाद

जिन शाखाओं को काटा गया है उनके कटे हुए भाग पर रोग आ सकता है जिससे वह शाखा और पूरा पौधा भी सूख सकता है। इसलिए कटिंग के तुरंत बाद कॉपर ऑक्सी क्लोराइड (COC) या बोर्डो मिश्रण का छिड़काव बहुत आवश्यक है।

खाद

छह माह के पौधों में खाद देने से पहले यह कार्य जरूरी है – 

  1. जहां तक पौधे की टहनियां फैली हो वहां तक समुचित साफ़ सफाई रखें।
  2. इसके बाद जहां तक पौधे की टहनियां फैली हो वहां तक एक रिंगनुमा थाला बनाना चाहिए जो लगभग चार से छह इंच गहरा हो। इसे तीन से चार दिन की अच्छी धूप लगाए। हमें खाद इसी रिंग में डालनी है।

खाद का समय

नींबू के पौधों में साल में दो बार खाद की आवश्यकता होती है। एक बार जनवरी माह में दूसरा अगस्त में। खाद देने से पहले कटिंग अवश्य करें।

खाद की मात्रा

छह महीने के पौधे एवम् उसकी स्वस्थ स्तिथि के अनुसार 10 से किलो गोबर की खाद, 20 ग्राम DAP, 20 ग्राम पोटाश और 10 ग्राम फफुंदीनाशक ले। अगर दीमक या व्हाइट ग्रब है या इसकी कोई संभावना है तो 10 ग्राम Chlorpyrifos या Thimet भी ले। 

इन सबको मिलाकर थाले में चारों ओर डाले और  मिट्टी में अच्छी तरह मिला दें। इसके बाद जो मिट्टी बाहर रह गई है उसे वापस उसी जगह कर समतल कर दे और थाला बना दे।

हयूमिक एसिड देने से पौधों में अच्छी बढ़ोत्तरी देखी गई है। इसे आप घर पर भी बना सकते है। इसे बनाने और पौधों में देने का तरीका हमने अपने लेख 

पानी

पहले छह माह पौधों के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते है इसलिए इस समय पानी की अधिक आवश्यकता होती है जिससे पौधे में नमी बनी रहे। परन्तु पानी का अधिक समय तक रुकना बहुत हानिकारक होता है। निम्बू में सिंचाई के  लिए हम ड्रिप की सलाह देते है। 

पानी देते समय यह ध्यान रखें कि पौधों के तने तक केवल नमी पहुंचने चाहिए इसलिए आप ड्रिप को पौधे के तने से कम से कम 1 फीट दूर रखें। 

अगर आप नाली से पानी दे रहे है और आपके पौधे छह माह या उससे अधिक है तो तने के चारो ओर चार से छह इंच जगह छोड़कर इतनी मिट्टी चढ़ाएं की अगर फ्लड से पानी दे रहे है तो पानी सीधे तने से न टकराए और उस तक केवल नमी पहुंचे।

पानी की मात्रा और समय

गर्मियों में कम से कम तीसरे दिन पानी दे।  आवश्यकता पड़ने पर रो़ज भी पानी दिया जा सकता है। पानी की मात्रा मिट्टी के प्रकार पर निर्भर करती है। यहां यह ध्यान देने की बात है कि गर्मियों में पौधे के थाले में उचित नमी रहनी चाहिए।

पाला से बचाव

सर्दियों में प्रत्येक सप्ताह में एक बार पानी दे। उचित नमी पौधों की सर्दी से रक्षा करती है। पाला से बचाने के लिए छोटे पौधों को कागज़ या कपड़े से ढक सकते है। अगर पाले के कारण सर्दियों में पत्ते गिर भी जाते है और टहनियां हरी है तो पत्ते दुबारा आ जाएंगे। आपको बस सही खाद और पानी देना है।

अगर किसी कारण पौधों को बकरी आदि कोई जानवर खा जाता है तो अगर कोई टूटी टहनी है तो उसे काट दे। COC का स्प्रे करे,  पानी देते रहें। पौधे दुबारा चल पड़ेंगे।

संदर्भ

अमेजिंग किसान ग्रुप के नींबू की बागवानी करने वाले किसान नावेद शेख द्वारा सुझाए गए उपायों और लेखक के अनुभव पर आधारित।

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Disclaimer:  इस लेख में बताये गए सभी उपाय विभिन्न किसानों द्वारा अपनाई गई सफल विधियों पर आधारित हैं परन्तु इनकी वैज्ञानिक पुष्टि हमारे द्वारा नहीं की जा सकती। पाठकों द्वारा किये जाने वाले प्रयोग हमारे नियंत्रण से बाहर है इसलिए अगर किसी का किसी कारण से कोई नुक़सान होता है तो ‘अमेजिंग किसान’ या लेखक इसके लिए जिम्मेदार नहीं होगें।