गमोसिस का जैविक इलाज़

वेस्ट डिकम्पोज़र से गमोसिस का इलाज़  

नींबू वर्गीय पौधों में आप सभी  गमोसिस रोग के बारे में जानते होंगे इस रोग के कारण पौधों की टहनियों में एक चिपचिपा सा पदार्थ जो गोंद की तरह का होता है निकलने लगता है, धीरे-धीरे उसमें एक घाव हो जाता है और उससे टहनी सूख कर टूट भी जाती है। अंत में पौधा मर भी सकता है।

इस रोग के बारे में हमने एक विस्तृत लेख भी  लिखा जो अमेजिंग किसान वेबसाइट पर अमेजिंग किसान डेस्क पर उपलब्ध है

हमारे एक किसान रविंद्र सियाग जो कि फाजिल्का, अबोहर के रहने वाले हैं और  कीनू की बाग़वानी करते हैं और उनको इसका बहुत अनुभव है उन्होंने अपनी इस रोगके बारे में एक बात साझा की को कहीं पर भी उपलब्ध नहीं है हो सकता है यह आपके भी काम आए। अगर आपके यहां यह रोग पाया जाता है तो आप भी इसका कुछ पौधों पर प्रयोग कर सकते हैं।

रवीन जी ने हमें बताया कि उनका एक कीनू का पौधा इस रोग के कारण लगभग पूरा सूख चुका था और उन्होंने उसकी सूख चुकी टहनियों को काट दिया था जिसे आप फोटो में देख सकते है। उन्होंने दो महीने तक प्रत्येक महीने इसमें 6 से 7 बार 2 महीने तक एक सौ प्रतिशत वेस्ट डीकंपोजर का छिड़काव किया और ड्रीचिंग भी की उसके बाद वह पौधा पुनर्जीवित हो गया।

उन्होंने इन दोनों अवस्थाओं की फोटो भी हमसे साझा की है जिन्हें देखकर आप कह सकते हैं कि उनका यह प्रयोग सफल रहा। किसान भाइयों अगर आप में से किसी के यहां भी यह रोग पाया जाता है तो आप यह प्रयोग एक या दो पौधों पर अवश्य करके देख सकते हैं और इसका परिणाम हमसे अवश्य साझा करें।  धन्यवाद

इस लेख  में मूल विचार  श्री रवीन सियाग जी के है। अमेजिंग किसान उनके इस सहयोग का आभारी है। 

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