अमरूद में फल मक्खी

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के एक अनुसंधान लेख [1] के अनुसार फल मक्खी के लिए अमरूद अन्य फलों की अपेक्षा अधिक पसंदीदा स्थान होता है। एक अन्य अनुसंधान [2] के अनुसार अमरूद में फल मक्खी से बचाव एक एकीकृत कीट प्रबंधन द्वारा ज्यादा प्रभावी होता है। इसमे पेड़ के नीचे प्रत्येक 15 दिन में गुड़ाई,  पेड़ के नीचे गिरे हुए फलो को इकट्ठा कर जमीन में दबा देना, फेरोमोन ट्रैप का प्रयोग एवं कीटनाशक दवाई का प्रयोग सबसे प्रभावी उपाय है। 

रोग का कारण

फल मक्खी का प्रकोप बरसात में ली जाने वाली अमरूद की फसल में सबसे अधिक पाया जाता है । जब फल मक्खी अमरूद के फलों पर अंडे देती है तो इन अंडों से छोटी छोटी सूंडी निकलती है जो कि फल के गूदे को खाती है जिससे फल खराब हो जाता है। फल मक्खी अपना अंडा अमरूद, जब फूल में से बाहर आकर मटर के दाने के आकार के होते है, तभी अपना डंक मारकर फल के अंदर देती है। 

उपाय और रोकथाम

फल मक्खी की रोकथाम के निम्न में से कोई भी उपाय इसकी रोकथाम के लिए उपयुक्त पाया गया है –

  1. सबसे पहले तो यदि आपके पौधों के आस पास घास इत्यादि है तो उसे अच्छी तरह से साफ करे। इसके बाद पौधों के चारों और उसकी परिधि की गोलाई में गहरी गुड़ाई करे।  इससे यदि फल मक्खी के और अन्य कीड़े के अंडे और पयुपा होगें तो वे गहरे गुड़ाई में मर जाएंगे। मिथाईल यूजिनल ट्रेप (100 मिलीलीटर मिश्रण में 0.1 प्रतिशत मिथाइल यूजिनोल व 0.1 प्रतिशत मेलाथियान) पेडों पर 5 से 6 फीट ऊँचाई पर लगायें। ट्रेप के मिश्रण को प्रति सप्ताह बदल दें। इसको कली से फल बनने के समय पर ही बगीचों में उचित दूरी पर लगा देना चाहिए।  इन ट्रेप में फेरोमोन गंध से नर फल मक्खी एकत्रित होकर नष्ट होती रहती है। एक एकड़ में कम से कम 16 डिब्बे लगाए । यह सबसे सस्ती एवं सुरक्षित तकनीक है। अनुसंधान के अनुसार यह भी पाया गया है कि 16 ट्रैप प्रति एकड़ लगाने से अधिक फायदा मिलता है [1]।
  2. तम्बाकू 250 ग्राम, लाल मिर्च 100ग्राम, लहसुन 100ग्राम, बेशरम के पत्ते लगभग 500 ग्राम, धतूरा के पत्ते और फल दोनों हो तो या जो भी मिले लाकर चटनी बनाओ।   लगभग 7-8 लीटर पानी में प्लास्टिक के डब्बे में भरकर धूप में रख दो 8-10दिनों के लिए। गोमूत्र यदि हो तो अच्छा है वो भी मिला लो लगभग 1-2 लीटर इसके बाद इस काढ़े का 15लीटर टंकी में 1-2 लीटर मिलाकर हर 10-15 दिनों के अंतराल पर छिड़काव करते रहो। पहला छिड़काव फूल से फल बनाते समय ज़रूर करे।   इससे दूसरे दूसरे मच्छर और मक्खियां भी भाग जाएंगे ।नीम आयल 3 मिली लीटर प्रति लीटर स्टीकर के साथ स्प्रे करना भी एक अच्छा उपाय है।
  3. ट्रेप का घोल घर पर बनाने के लिए 5 लीटर पानी में 1.5 किलो गुड़ या शीरा और 60 मिली लीटर ट्रायजाफोस 40% ईसी मिलाकर बनाये। इसमे से थोड़ा थोड़ा घोल घर पर ही बोतल से बनी ट्रेप में डाले और प्रयोग करे
  4. कीटनाशक दवाई जैसे मेलाथियान 50%EC या प्रोपेनोफास 50% ई सी में से कोई एक 1.5 मिली लीटर प्रति लीटर पानी मे डालकर 15 दिन में एक छिड़काव या आवश्यकता अनुसार कर सकते है। ट्रायजाफोस 40% ई सी 1 मिली लीटर प्रति लीटर का भी छिड़काव कर सकते है।
  5. वेस्ट डिकंपोजर का 50% स्प्रे (50% पानी के साथ) प्रत्येक 5-7 वे दिन सभी पौधों और उनके जड़ों के आस पास इसकी रोकथाम में प्रयोग कर सकते है। यह लगभग सभी प्रकार के कीटों को पनपने से रोकता है।
  1. https://www.researchgate.net/publication/290572847_Management_of_fruit_flies_in_rainy_season_guava_through_male_annihilation_technique_using_methyl_eugenol_based_traps&ved=2ahUKEwigw9OvkdfjAhWJrY8KHTh0BVgQFjALegQIBRAC&usg=AOvVaw3-Vl7t25NwFpG8Q50Iks2L&cshid=1564301218624
  2. http://www.entomoljournal.com/archives/2017/vol5issue2/PartB/5-1-208-952.pdf&ved=2ahUKEwigw9OvkdfjAhWJrY8KHTh0BVgQFjACegQIAhAB&usg=AOvVaw1hmVop-5ZCdh5P3jGRUNgx&cshid=1564301292029
  3. अमेजिंग किसान ग्रुप, टेलीग्राम, पर किसानों के साझा किए अनुभव, 2019.