नींबू की हस्त बहार

निम्बू की हस्त बहार 

आजकल निम्बू  की बाग़वानी पूरे भारत वर्ष में बहुत पसंद की जा रही है | यह विश्व में इसके गुद्दे और रस के लिए जाना जाता है। दुनिया भर में विभिन्न खट्टे फलों का उपयोग भोजन या रस बनाने के लिए किया जाता है।

वैसे तो निम्बू की पैदावार साल भर होती रहती है। लेकिन सबसे ज्यादा निम्बू जुलाई से अगस्त में आता है जिसके फूल जनवरी- फरवरी में आते है और इसे हम अम्बिया बहार के नाम से जानते है। परन्तु गर्मियों में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है और भाव भी अच्छा मिलता है। इसलिए प्रत्येक किसान की यह कोशिश होती है की वह भी मार्च अप्रैल में इसकी फसल ले। इस समय ली जाने वाली फसल को हस्त बहार कहते है और इसमें अक्टूबर – नवंबर में फूल आते है।

मार्च – अप्रैल में निम्बू लेने  के लिए आप को सितम्बर   से तैयारी शुरू करनी पड़ती  है। सितम्बर में इस को ताव  देना पड़ता है 1 सितम्बर से पानी  बंद करने के बाद २० दिन तक इस  को पानी बिलकुल नहीं देना है। इसके २० दिन बाद 21 सितम्बर   से कम से कम 6 इंच से एक फ़ीट दूर पेड़ो के चारों ओर 4 से 6  इंच गहरी गुड़ाई करवा दीजिये और चार से पांच दिन तक अच्छी  धूप लगने दीजिये, इसके बाद पेड़ो के चारों ओर जहां तक पेड़ का फैलाव हो थाले  बनाये। अब प्रत्येक थाले में 5 साल के पेड़ में 25 किलो गोबर की अच्छी सदी हुई खाद, 200 ग्राम यूरिया, 25 किलो गोबर खाद, 100 ग्राम सुपर फास्फेट,  
250 ग्राम पोटाश, 432 ग्राम डीएपी, 25 ग्राम बोरोन और
25 ग्राम जिंक सल्फेट प्रति पौधा मिलाकर पूरे थाले में दे।

इसके  बाद आप  पानी फ्लड  यानी नाली से  देना है। प्रत्येक  15 दिन में 5 – 5 दिन छोड़कर  3 बार पानी दे। इसके बाद आप देखेंगे की पेड़ो पर फूल बहुत अच्छे आएँगे।

इस बात का बहुत ध्यान रखना है की खाद  देने के बाद पानी नाली से ही देना है ड्रिप से नहीं। अगर आपके पेड़  पांच साल से छोटे है तो ऊपर बताई खाद की मात्रा को आधी कर दे। अक्टूबर से नवंबर में फूल आने पर फल मार्च से अप्रैल में मिलेंगे। इसे हस्त बहार कहते है।

इस लेख में मूल विचार टेलीग्राम पर अमेजिंग किसान ग्रुप में दिए गए श्री नावेद शेख के है। अमेजिंग किसान उनके इस सहयोग का आभारी है।