नींबू की बाग़वानी

नींबू की बाग़वानी

    1. काग़जी नींबू-हस्त बहार योजना. डॉ पंजाबराव देशमुख कृषि विद्यापीठ, अकोला. स्वर्ण जयंती वर्ष (PDF)
      कागजी नींबू के पेड़ पर साल भर फूल और फल आते है, लेकिन केवल गर्मी के मौसम में ही किसान को उनकी उपज की अच्छी कीमत मिलती है। इसलिए गर्मियों में अधिकतम उपज लेने के लिए हस्त बहार की योजना बनानी चाहिए। हस्त बाहर के प्रबंधन में सबसे बड़ी समस्या यह है कि अधिक फूल प्राप्त करने के लिए पेड़ों को ताव (पानी बन्द करना) देना होता है जो अगस्त-सितंबर माह में होने वाली अप्रत्याशित वर्षा के कारण मुश्किल होता है।
    2. नींबू की हस्त बहार : मार्च-अप्रैल में नींबू की फसल कैसे ले? नावेद शेख. 2019, August
      वैसे तो निम्बू की पैदावार साल भर होती रहती है। लेकिन सबसे ज्यादा निम्बू जुलाई से अगस्त में आता है जिसके फूल जनवरी-फरवरी में आते है और इसे हम अम्बिया बहार के नाम से जानते है। परन्तु गर्मियों में इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है और भाव भी अच्छा मिलता है। इसलिए प्रत्येक किसान की यह कोशिश होती है की वह भी मार्च अप्रैल में इसकी फसल ले। इस समय ली जाने वाली फसल को हस्त बहार कहते है और इसमें अक्टूबर-नवंबर में फूल आते है।
    3. नींबू की उन्नत बाग़वानी. भा.कृ.अ.प., केंद्रीय नींबूवर्गीय फल अनुसंधान संस्थान, नागपुर, 2019, May-June (PDF)
      कागज़ी नींबू की प्रजातियों, पौधशाला, नर्सरी, पौधरोपण और उनकी देखभाल के साथ साथ समय समय पर सिचाई, खाद एवं फलों के समुचित रख रखाव और कीट एवं रोग प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई है।
    4. फायदेमंद है कागज़ी नींबू की खेती. भा.कृ.अ.प., कृषि विज्ञान केन्द्र, मौलासर, जोधपुर, 2019 (PDF)
      कागज़ी नींबू की प्रजातियों और उनकी देखभाल के साथ साथ समय समय पर सिचाई, खाद एवं फलों के समुचित रख रखाव और उनमें कीट एवं रोग प्रबंधन की विस्तृत जानकारी दी गई है।
    5. कागज़ी नींबू: सितम्बर में प्रतिकूल मौसम होने पर मार्च-अप्रैल में नींबू की फसल कैसे ले? नावेद शेख. 2020, अप्रैल
      कागज़ी नींबू की अप्रैल माह में अधिक मांग के कारण प्रत्येक किसान की यह कोशिश होती है की वह भी मार्च अप्रैल में इसकी फसल ले। इस समय ली जाने वाली फसल को हस्त बहार कहते है और इसमें अक्टूबर-नवंबर में फूल आते है। इसकी तैयारी, जिसे ताव देना कहते है, सितम्बर माह में की जाती है परन्तु अगर इस माह में अधिक या असमय बारिश हो जाती है तो यह फसल लेना कठिन हो जाता है। इस लेख में ऐसे समय कैसे हस्त बहार प्रबंधन करे यह बताया गया है। जो हमारे अपने प्रयोग पर आधारित है।
    6. कागज़ी नींबू: नर्सरी और लाखो की आमदनी का सच? नावेद शेख. 2020, सितम्बर
      कागज़ी नींबू की अप्रैल माह में अधिक मांग के कारण प्रत्येक किसान की यह कोशिश होती है की वह भी इसकी बागवानी करे। लेकिन उसको कुछ नर्सरी वाले अपने फायदे के लिए गुमराह करते है। यही इस लेख में विस्तृत रूप से बताया गया है।

    देखभाल वं प्रबंधन

      1. पौधारोपण की विधि और सही देखभाल 2020, January
        किसानों से बात करने और इनकी समस्याओं का अध्ययन करने के बात यह बात सामने आई कि अधिकतर किसान पौधे लगाते समय समुचित और सही खाद, पानी आदि का प्रबंध नहीं करते। इसलिए पौधे लगाते समय यहां बताई गई बातों का अवश्य ध्यान रखें।
      2. दो से छह माह के पौधों की देखभाल 2020, January
        नीबू के पौधे लगाने के लगभग पहले 2 से 6 माह में बहुत समस्या आती है जिनमे से कुछ मुख्य है इसलिए पौधे लगाते समय यहां बताई गई बातों का अवश्य ध्यान रखें।
      3. बरसात में की जाने वाली सावधानियां 2019, July
        बारिश के मौसम में भरपूर पानी मिलने से पौधे एक दम हरे-भरे हो जाते जो देखने में एक दम स्वस्थ और अच्छे लगते है। लेकिन इस समय बीमारी ऊपर से भी आती है और ज़मीन से भी। ऊपर से आने वाली बीमारी को तो हम पहचान लेते है क्योंकि वह हमे दिखाई दे जाती है।
      4. नींबूवर्गीय फलों में प्रत्येक माह में किए जाने वाले कार्यों का विवरण, राष्ट्रीय बागवानी मिशन
        नींबूवर्गीय फलों (नींबू, संतरा, मौसमी आदि) में बगीचों में प्रत्येक माह में क्या क्या कार्य किए जाने है उनका पूर्ण विवरण इस लेख में दिया गया है।

    रोग और उपाय

      1. लीफ माइनर और नींबू की तितली से बचाव (PDF) 2020, अप्रैल
        कागज़ी नींबू के पौधों में यह रोग बहुत अधिक पाए जाते है। अगर एक रोग की रोकथाम सही समय पर ना हो तो वह दूसरे रोग को जन्म देता है और फिर तीसरे को। इसलिए इनको समझना उतना ही जरूरी है जितना इनका इलाज।
        लेख में इसके बारे में विस्तृत जानकारी और इनकी रोकथाम के उपाय बताये गए है।
      2. कैंकर, लीफ माइनर और नींबू की तितली 2020, January
        कागज़ी नींबू के पौधे अधिक उपज देने वाले माने गये हैं। निम्बू के पौधों में अनेक प्रकार के रोग पाए जाते है। जिनमें से निम्न तीन रोगों (Canker, Leaf Miner and Lime Butterfly) के बारे में जानकारी और इनकी रोकथाम के उपाय बताये गए है।
      3. फूल एवं फलों का गिरना एवं पत्तियों का सिकुड़ना 2020, Jan
        फूल या तो  आते नहीं अगर थोड़े बहुत आ भी गए तो फल बनने पर गिर जाते है। जो नई शाखाएं निकलती है वह काली पड़ कर सूख जाती है। कुछ पत्ते भी सिकुड़ रहे है

      4. यह निम्बू वर्गीय पौधों में पाया जाने वाला गमोसिस (gummosis) रोग है जिसे जड़ सड़न या रुट रोट (root rot) भी कहते है। यह तने व टहनियों पर लगने वाली बीमारी है। रोग लगे पौधे से गोंद का निकलना ही इस का मुख्य लक्षण है।
      5. गमोसिस का जैविक इलाज़ 2020, Jan
        रवीन सियाग, अबोहर, पंजाब ने किया वेस्ट डिकम्पोज़र से गमोसिस का इलाज़।
      6. फलों का फटना: कारण और उपाय 2020, April
        कभी कभी यह देखा गया है कि फल पकने से पहले फटने लगते है और इस कारण बहुत सी फसल खराब हो जाती है और इनका कोई मूल्य नहीं मिलता। वैसे तो जब यह बीमारी दिखाई दे तब भी इसका इलाज किया जा सकता है। परन्तु अगर पहले से ही ध्यान रखा जाए तो इसे रोका जा सकता है।